CBSE
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Class 7
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Hindi
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By - Kavita Basu
“नूतन सरल हिंदी माला” नामक पुस्तक-श्रृंखला अध्यापक वर्ग के कार्य में विद्यार्थियों के लिए समर्पित है। इसे तैयार करते हुए हमें अपार हर्ष हो रहा है। अपने दीर्घकालीन अध्ययन एवं लेखन-कार्य द्वारा जो अनुभव प्राप्त हुआ, उसी के अनुसार इस पुस्तक-श्रृंखला की रचना की गई है। हमारा लक्ष्य यह रहा है कि विद्यार्थी के शब्द-समूह तथा विषय को ग्रहण करने की शक्ति कहीं भी दृष्टि से ओझल न हो। साथ ही, इसके निर्माण में सरलता एवं सरसता का विशेष ध्यान रखा गया है।
निम्नलिखित रूप में इस पुस्तक-श्रृंखला की विशेषताओं का उल्लेख करना, शैली तथा विषय-वस्तु को समझने में सहायक होगा:
विद्यार्थियों की ग्रहण-क्षमता और वय-वर्ग के आधार पर पाठों की रचना की गई है।
पाठ क्रमशः सरलता से कठिनता की ओर और ज्ञात से अज्ञात की ओर बढ़ते हैं।
कविता, लेख, कहानी, वार्तालाप तथा नाटक आदि सभी प्रकार की विधाएँ क्रमानुसार शामिल की गई हैं, जिससे पाठों की रोचकता बनी रहती है। गंभीर विषयों को भी सरस बनाकर विद्यार्थियों के लिए प्रिय और ग्रहणीय बनाने का प्रयास किया गया है।
सत्य, साहस, परिश्रम, त्याग, स्वच्छता, सहकारिता, सदाचार, देशभक्ति, गुरुजनों के प्रति श्रद्धा जैसे गुणों का संचार करने और कला तथा विज्ञान की शिक्षा देने के लिए पाठों में विविध विषय सम्मिलित किए गए हैं। छात्रों के हृदय में ऊँची भावनाओं और तथ्य-ज्ञान-परख विचारों का प्रकाश सभी पाठों में रखा गया है।
समग्र देश की एकता और अभेदता को लक्ष्य में रखते हुए पुस्तक-श्रृंखला की रचना की गई है, ताकि देश के प्रत्येक राज्य में इसका उपयोग हो।
प्रत्येक पुस्तक में विस्तृत अभ्यास दिए गए हैं। शिक्षाशास्त्रियों के नवीन शोधों का ध्यान रखते हुए मौखिक एवं लिखित अभ्यास का विस्तार किया गया है। अभ्यास की दृष्टि से यह पुस्तक-श्रृंखला अन्य सभी से अधिक उपयोगी सिद्ध होगी।
व्याकरण के बिना भाषा का पूर्ण ज्ञान असंभव है। इसलिए व्याकरण जैसे कठिन विषय को भी सरल बनाकर इस पुस्तक में समाहित किया गया है, जिससे विद्यार्थियों को सरलता से इसका ज्ञान हो सके।
जनवरी, 1965
– लेखक
| Category | Course Book |
| Format | Digital Book |
| Type | Course Book |
| No. of pages | 1 |